फिनलैंड की साझेदारी से ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ अगले स्तर पर ले जाएगा : सीएम मान

फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ टुर्कू के साथ पंजाब की साझेदारी वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक पहुंचाने में मददगार : मुख्यमंत्री 

फिनलैंड के साथ सहयोग के रचनात्मक परिणाम सामने आ रहे, पंजाब के क्लासरूम बेहतरीन, अधिक प्रभावी शिक्षा की ओर अग्रसर : भगवंत सिंह मान

टुर्कू से पंजाब तक, विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए क्लासरूम में वैश्विक प्रथाओं को अपनाया जा रहा है: भगवंत सिंह मान

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 23 अप्रैल। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।

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इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है। पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।।

फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है। यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।

यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है। गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, “शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं। शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके। क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।”

उन्होंने कहा, “शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है। इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है। फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।”

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया। उन्होंने कहा, “सरकार अब कार्यक्रम को ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है। प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी।”

 

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