पेरिस से वापसी पर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का अपमान किया गया : बलतेज पन्नू

पीएम मोदी और भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियत का गला घोंटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही : पन्नू 

पंजाब के मुख्यमंत्री को दिल्ली हवाई अड्डे पर 3 घंटे रोका गया, फिर ऊपर से दबाव के तहत बेतुका 50,000 रुपये का चालान काटा गया: बलतेज पन्नू 

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को 18 महीने रखने से लेकर पंजाब का फंड रोकने तक, केंद्र ने हर मौके पर पंजाब का गला घोंटने की कोशिश की : पन्नू

मोदी सरकार को डर है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पंजाब में निवेश लेकर आएंगे, इसलिए उन्हें विदेश दौरे की इजाजत नहीं दी जा रही: बलतेज पन्नू 

मोदी सरकार नहीं चाहती कि पंजाब प्रगति करे या इसका कोई ऐसा मुख्यमंत्री हो जो अपने लोगों के लिए काम करे: बलतेज पन्नू

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने केंद्र की मोदी सरकार की पंजाब-विरोधी चालों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पंजाब तथा पंजाबियत को नीचा दिखाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देती। पन्नू ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से वापसी पर दिल्ली एयरपोर्ट पर जान-बूझकर तीन घंटे रोके रखा गया और उसके बाद 50,000 रुपये का बेतुका चालान भी काट दिया गया, जो कि पंजाब के अस्तित्व और सम्मान पर सीधा हमला है। 

बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार की पंजाब-विरोधी नीतियों की फेहरिस्त गिनाते हुए कहा कि चाहे दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल तक किसानों को जबरन बैठाकर रखना हो, या पंजाब के हक के फंड रोककर रखने हों, केंद्र सरकार हर स्तर पर पंजाब का गला घोंटने की कोशिश करती रही है। 

पन्नू ने कहा कि अब तक कम से कम चार बार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को विदेश यात्रा की इजाजत इसलिए नहीं दी गई क्योंकि मोदी सरकार को डर है कि अगर मुख्यमंत्री विदेश गए तो वहां से निवेश और फंड लाकर पंजाब को तरक्की की राह पर ले जाएंगे। 

पन्नू ने बताया कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पेरिस (फ्रांस) की यात्रा की, जहां वे विश्व के दूसरे सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में पंजाब के मशहूर राजमा और सफेद चने (छोले) जैसे उत्पाद लॉन्च करने गए थे, तो वहां भी केंद्र सरकार ने अपनी संकीर्ण मानसिकता का सबूत दिया। माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनका बनता प्रोटोकॉल दिया जाए, लेकिन केंद्र की बदनीयती देखिए कि पेरिस में कौंसलेट जनरल (महावाणिज्य दूत) तक मुख्यमंत्री साहब से मिलने नहीं आया। 

पन्नू ने कहा कि केंद्र सरकार की खीझ और बदनीयती यहीं नहीं रुकी। जब मुख्यमंत्री भगवंत मान पेरिस से वापस लौटकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें जान-बूझकर तीन घंटे रोककर रखा गया। बहानेबाजी यह की गई कि “आपका सामान अभी आ रहा है”, “आपका सामान अभी चेक किया जा रहा है”, जो कि सरासर झूठ और पंजाब की तौहीन है। 

पन्नू ने बताया कि तीन घंटे के बाद जब मुख्यमंत्री भगवंत मान को जाने दिया गया और सामान गाड़ी में रखकर जाने लगे, तो उसी समय अधिकारी पीछे दौड़कर आए और कहा कि उन पर “ऊपर से बहुत प्रेशर” है और 50,000 रुपये का चालान काट दिया गया। यह बात खुद अधिकारियों ने स्वीकार की कि उन पर दबाव है, जो यह साबित करता है कि यह सब कुछ ऊपर से आए आदेशों के तहत किया गया। 

बलतेज पन्नू ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या आज तक भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री को इस तरह एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोके रखा गया है? क्या आज तक किसी राज्य के मुख्यमंत्री का 50,000 रुपये का चालान काटकर उसे अपमानित किया गया है? यह सिर्फ और सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि भगवंत मान पंजाबी हैं, पंजाब के मुख्यमंत्री हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। 

पन्नू ने तीखे शब्दों में कहा कि मोदी सरकार पंजाब की तरक्की से खौफजदा है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि पंजाब किसी भी मामले में प्रगति करे, या पंजाब का भला सोचने वाला कोई मुख्यमंत्री पंजाबियों को मिले। केंद्र सरकार हर तरह से अड़ंगे लगा रही है, हर तरह की रुकावटें खड़ी कर रही है, लेकिन पंजाब के स्वाभिमान को कोई दबा नहीं सकता।

 

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