श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के लिए सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम

श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित आयोजनों को सुरक्षित और सुचारू ढंग से संपन्न करवाने के लिए, पंजाब पुलिस ने संगतों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्नत निगरानी प्रणाली, बल की रणनीतिक तैनाती और 24 घंटे तालमेल के साथ एक व्यापक, बहु-स्तरीय सुरक्षा और सुविधा योजना लागू की है। यह जानकारी आज यहां स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने दी।
— स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला और स्पेशल डीजीपी एस.एस. श्रीवास्तव ने श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित होने वाले महान स्मृति समारोहों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की की समीक्षा
 
— समारोहों को शांतिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन निगरानी, फेस रिकॉग्निशन कैमरे और 10,000 पुलिसकर्मियों की बड़ी तैनाती: स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला
 
— स्मार्ट ट्रैफ़िक प्रबंधन के लिए आईआईटी रोपड़ के साथ साझेदारी; रीयल-टाइम निगरानी के तहत बनाए जा रहे हैं 35 पार्किंग स्थल
 
चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब, 13 नवंबर:
 
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित आयोजनों को सुरक्षित और सुचारू ढंग से संपन्न करवाने के लिए, पंजाब पुलिस ने संगतों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्नत निगरानी प्रणाली, बल की रणनीतिक तैनाती और 24 घंटे तालमेल के साथ एक व्यापक, बहु-स्तरीय सुरक्षा और सुविधा योजना लागू की है। यह जानकारी आज यहां स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने दी।
 
श्री आनंदपुर साहिब में 23 से 25 नवंबर, 2025 तक आयोजित होने वाले इन विशाल स्मृति समारोहों में देश-विदेश से भारी संख्या में संगतों के आने की उम्मीद है। स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने स्पेशल डीजीपी (सुरक्षा) सुधांशु एस. श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) एस.पी.एस. परमार और एसएसपी रूपनगर गुलनीत सिंह खुराना भी मौजूद थे।
 
स्पेशल डीजीपी ने बताया कि समारोहों को शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए एडीजीपी रैंक के नोडल अधिकारी की देखरेख में लगभग 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही सात आईजी/डीआईजी रैंक के अधिकारी, 22 कमांडेंट, 45 एसपीजऔर 94 डीएसपीज भी तैनात किए जाएंगे। उच्च स्तरीय चौकसी और ड्यूटी के प्रति समर्पण सुनिश्चित करने के लिए पूरी फोर्स को समारोह के स्तर और महत्त्व के बारे में अवगत कराया गया है।
 
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर चेहरे की पहचान तकनीक (फेस रिकॉग्निशन) से लैस 300 से अधिक एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे, 10 पीटीजेड कैमरे और 25 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए एक उच्च तकनीकी नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया जा रहा है। साथ ही सात ड्रोन टीमें निरंतर हवाई निगरानी करेंगी।
 
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा, “किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए रूपनगर जिले और इसके आसपास के अपराधियों से संबंधित डाटा को फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से जोड़ा गया है। कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए माउंटेड पुलिस पेट्रोलिंग और स्मार्ट बैरिकेड्स का भी उपयोग किया जाएगा।”
 
निरविघ्न ट्रैफ़िक प्रबंधन और संगतों की सुविधा के लिए ज़िला पुलिस ने आईआईटी रोपड़ के सहयोग से 101 एकड़ क्षेत्र में फैले 35 पार्किंग स्थलों की वैज्ञानिक मैपिंग की है, जिनकी रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, संगतों को सभी स्थलों तक ले जाने के लिए 24 घंटे चलने वाली शटल सेवाएं शुरू की जा रही हैं, और 10,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाली तीन टेंट सिटीज़ भी स्थापित की जा रही हैं।
 
हाईवे के साथ एक समर्पित पैदल मार्ग और वाहनों की आवाजाही को नियमित करने के लिए 60 बाहरी डाइवर्जन पॉइंट और नाके स्थापित किए जा रहे हैं।
 
स्पेशल डीजीपी ने यह भी बताया कि समारोह में शामिल होने वाले वीवीआईपी मेहमानों के सुचारू आगमन को सुनिश्चित करने के लिए आठ हैलीपैड भी तैयार किए जा रहे हैं।

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