NRI Milni के दौरान अमृतसर में प्रवासी पंजाबियों की 60 से अधिक शिकायतें सामने आईं
अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन से जुड़े लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं
न्यूज़म ब्यूरो
अमृतसर, 23 सितंबर। NRI Milni में विदेशों में रह रहे पंजाबियों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया।
मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायतों की सुनवाई की।
कुछ मामलों में मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों में जांच का आदेश हुआ।
सरकार के अनुसार, प्रवासी पंजाबियों से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अमृतसर में पंजाब सरकार की ओर से विशेष NRI Milni का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य प्रवासी पंजाबियों की लंबित शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के सामने सीधे रखना था। कार्यक्रम में माझा क्षेत्र के चार जिलों से जुड़े लोग शामिल हुए। इनमें अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन के प्रवासी पंजाबी तथा उनके परिवार के सदस्य शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने की। उनके साथ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार भी इस मिलनी में शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया गया था।
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NRI Milni में 60 से अधिक शिकायतों की सुनवाई
NRI Milni के दौरान 60 से अधिक शिकायतें सामने आने की जानकारी दी गई। इनमें जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद सबसे अधिक बताए गए। इसके अलावा कथित अवैध कब्जे, राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव और वैवाहिक या पारिवारिक विवादों से जुड़े मामले भी शामिल रहे।
कुछ प्रवासियों ने कार्यक्रम में खुद पहुंचकर अपनी शिकायतें रखीं। वहीं, विदेशों में रह रहे कुछ लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। इससे विदेश में रहने वाले लोग भी अधिकारियों के सामने अपनी समस्या सीधे रखने में सक्षम हुए। कार्यक्रम का यह स्वरूप उन प्रवासी परिवारों के लिए भी रखा गया, जो व्यक्तिगत रूप से अमृतसर नहीं पहुंच सके।
NRI Grievances में संपत्ति विवाद प्रमुख मुद्दा
NRI Grievances के तहत सामने आए मामलों में संपत्ति से संबंधित शिकायतें खास रहीं। जंडियाला गुरु से पहुंची एक बुजुर्ग महिला ने अपने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे बेटे से जुड़े पारिवारिक विवाद का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कोठी पर जबरन कब्जा किया गया और परिवार के खिलाफ मामले दर्ज कराए गए।
एक अन्य शिकायतकर्ता ने फतेहगढ़ चूड़ियां क्षेत्र में बाजार और दुकानों से संबंधित कथित कब्जे का मुद्दा उठाया। शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों पर धमकियां देने के आरोप भी लगाए। इन मामलों में शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
Property Disputes पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
Property Disputes से जुड़े मामलों को लेकर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन शिकायतों में तत्काल हस्तक्षेप की गुंजाइश थी, उन पर मौके से ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। वहीं, जिन मामलों में जांच की आवश्यकता थी, उन्हें प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की बात कही गई।
मंत्री ने यह भी कहा कि प्रवासी पंजाबियों को अपनी जमीन, संपत्ति या पारिवारिक मामलों के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रशासनिक तंत्र को शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
Time-bound Resolution पर प्रशासन की जवाबदेही
Time-bound Resolution को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया। जांच की जरूरत वाले मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय से कार्रवाई करने की बात कही गई।
माझा क्षेत्र के चार जिलों के एनआरआई इस कार्यक्रम में अपनी शिकायतें सीधे वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारियों के सामने रख सके। सरकार की ओर से पहले ही कहा गया था कि संबंधित विभागों के समन्वय से मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ते रहे प्रवासी
NRI ਮਿਲਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਰਵਜੋਤ ਸਿੰਘ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਤੋਂ Live https://t.co/D2c2lRCizh
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मिलनी में पंजाब में मौजूद प्रवासी और उनके परिजन व्यक्तिगत रूप से पहुंचे। विदेशों में रह रहे लोगों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का माध्यम इस्तेमाल किया गया। इस व्यवस्था से विदेश में बैठे शिकायतकर्ताओं को भी अपने मामलों की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। इससे जमीन-जायदाद, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य शिकायतों को संबंधित विभागों के स्तर पर भेजने की प्रक्रिया को सीधे आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
ਅंत में, इस NRI Milni का मुख्य फोकस प्रवासी पंजाबियों की शिकायतें सुनने और उनके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने पर रहा। अब दर्ज किए गए मामलों में आगे की जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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