अब मज़दूर का पैसा सीधे मज़दूर को मिलेगा, रोज़गार के दिन भी बढ़कर हुए 125 : सुनील जाखड़

भाजपा द्वारा ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को लेकर जनजागरूकता अभियान की शुरुआत फाज़िल्का से
आम आदमी पार्टी सरकार ने पुरानी योजना के तहत 100 दिन का रोज़गार क्यों नहीं दिया? मुख्यमंत्री से सवाल
कांग्रेस के नेता आम सरकार के आगे समर्पण कर चुके हैं
पंजाब की आर्थिक प्रगति, स्थिरता और सभी वर्गों के विकास के लिए भाजपा ही एकमात्र विकल्प

चंडीगढ़, 7 जनवरी : भारतीय जनता पार्टी ने ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आज फाज़िल्का ज़िले के गांव खिओवाली ढाब से राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि नई योजना के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि गरीब मज़दूर के हक़ का पैसा उसे सीधे मिले और रोज़गार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नया कानून भ्रष्टाचार के ज़रिए गरीबों के हक़ पर डाका डालने वालों पर शिकंजा कसता है, इसी कारण आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को गरीबों के हित में भारत सरकार की एक बड़ी पहल बताते हुए कहा कि अब गरीबों का पैसा ठेकेदारों और नेताओं की जेब में नहीं जाएगा, बल्कि मज़दूर के बैंक खाते में सीधे पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि योजना से भ्रष्टाचार समाप्त किया गया है, इसी कारण पुरानी नरेगा योजना में भ्रष्ट तरीकों से लाभ कमाने वाले लोग बौखला गए हैं, क्योंकि अब उनकी यह अवैध आमदनी बंद होने वाली है। उन्होंने बताया कि पंजाब में नरेगा में भ्रष्टाचार के 6,500 से अधिक मामले सामने आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गरीबों के हक़ पर डाका डालने वाले किसी भी भ्रष्टाचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला जारी रखते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि इस सरकार ने इस साल उस पुरानी नरेगा योजना के तहत, जिसकी यह लोग वकालत कर रहे हैं, पूरे राज्य में केवल 26 दिन का रोज़गार दिया है, जबकि फाज़िल्का ज़िले में यह औसत मात्र 17 दिन का है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि पुरानी योजना इतनी ही अच्छी थी, तो फिर 100 दिन का रोज़गार क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि वास्तव में पिछली योजना में किसी की जवाबदेही तय नहीं होती थी, जबकि इस नए कानून के तहत जिम्मेदारी तय होगी, इसी कारण राज्य सरकार विलाप कर रही है।

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इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को आगामी विधानसभा चुनावों की याद दिलाते हुए जाखड़ ने कहा कि जिन दिल्ली के नेताओं के पास उन्होंने राज्य सरकार को गिरवी रख दिया है, वे तो चले जाएंगे, लेकिन पंजाब के लोगों की बद्दुआएं उन्हें ही झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है कि मुख्यमंत्री राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान दें और जनहित में काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ योजना भी केवल एक जनसंपर्क अभियान बनकर रह गई है, और ज़मीनी स्तर पर न तो नशों पर लगाम लगी है और न ही गैंगस्टरवाद पर।

सुनील जाखड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की नासमझ नीतियों के कारण आज पंजाब जिस चौराहे पर खड़ा है, वहां से उसे केवल एक मज़बूत सरकार ही निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब समझने लगे हैं कि यह मज़बूत विकल्प भाजपा ही है, जो राज्य को आर्थिक दिवालियापन से बाहर निकालकर सभी वर्गों की प्रगति के लिए काम करते हुए शांति और स्थिरता वाला प्रशासन दे सकती है, जिससे पंजाब अपनी पुरानी शान बहाल कर देश का अग्रणी राज्य बन सके।

इससे पहले पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी, विधायक संदीप जाखड़, वंदना सांगवान और अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस जनजागरूकता कार्यक्रम के साक्षी बने। 

बाद में सुनील जाखड़ ने फाज़िल्का के डिप्टी कमिश्नर के निवास के बिल्कुल पास उस तथाकथित ‘बाधा झील’ स्थल का भी दौरा किया, जहां पुरानी नरेगा योजना के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। उन्होंने बताया कि मौके पर कोई झील बनी ही नहीं है, जबकि सरकार के खजाने से भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

 

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