पंजाब को जीतने के लिए कांग्रेस एकजुट, AICC टीम ने AAP की “PR राजनीति” की आलोचना की
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 2 सितंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कैडर के बीच सीधे कार्यकारी समन्वय को मजबूत करने के लिए, AICC के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा द्वारा नियुक्त कांग्रेस पार्टी की उच्चस्तरीय केंद्रीय मीडिया टीम बुधवार को चंडीगढ़ पहुंची और पंजाब कांग्रेस भवन में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पवन खेड़ा द्वारा नियुक्त इस प्रतिनिधिमंडल में AICC के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर हरी शंकर गुप्ता, कोऑर्डिनेटर विंग कमांडर अनूमा आचार्य, ईशान त्यागी, हरनाम सिंह और विक्रम लोहिया के अलावा पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अर्शप्रीत खडियाल शामिल थे।
इससे पहले दिन में केंद्रीय टीम ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की, जिसमें जमीनी स्तर की योजना को सुव्यवस्थित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ पहुंची केंद्रीय टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण संगठनात्मक एवं जमीनी स्तर का सहयोग सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय समन्वयकों ने बताया कि पंजाब के 23 प्रशासनिक जिलों के अंतर्गत आने वाली 29 राजनीतिक जिला समितियों को रणनीतिक रूप से टीम के सदस्यों के बीच तीन प्रमुख जोन में बांटा गया है। इस विभाजन के अनुसार विंग कमांडर अनूमा आचार्य को माझा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईशान त्यागी दोआबा जोन की देखरेख करेंगे। 19 जिलों में फैले विशाल मालवा क्षेत्र को मालवा-1 और मालवा-2 में विभाजित किया गया है। मालवा-1 की जिम्मेदारी हरनाम सिंह और मालवा-2 की जिम्मेदारी विक्रम लोहिया को दी गई है। टीम स्थानीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में व्यापक दौरे करेगी, ताकि बूथ स्तर तक संदेश में एकरूपता और समन्वय कायम किया जा सके।
विंग कमांडर अनूमा आचार्य ने पंजाब के साथ अपने संबंधों के बारे में बात करते हुए लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में अपने ढाई महीने के प्रवास को याद किया। उन्होंने पंजाब की मीडिया को सूझबूझ वाली, जागरूक और ईमानदार बताते हुए अपील की कि वास्तविक मुद्दों और सही तथ्यों को सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए मीडिया रचनात्मक सहयोग दे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि AICC के देशव्यापी ‘नेशनल टैलेंट हंट’ के माध्यम से उभरकर सामने आए युवाओं के साथ पार्टी के संचार तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। सार्वजनिक रूप से बोलने की कला, लेखन क्षमता और वैचारिक स्पष्टता के आधार पर चुने गए प्रशिक्षित एवं प्रभावशाली युवा लड़के-लड़कियों की एक टीम तैयार की गई है। इन नए प्रवक्ताओं की बड़ी संख्या पंजाब पहुंच चुकी है, जो जिला समितियों, ब्लॉक इकाइयों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों तथा स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करेगी।
राहुल गांधी द्वारा दिए गए सीधे निर्देशों को दोहराते हुए समन्वयकों ने कहा कि पार्टी की मीडिया रणनीति अब पारंपरिक मुख्यधारा मीडिया से आगे बढ़ेगी। जिला स्तर के केबल नेटवर्क, क्षेत्रीय डिजिटल पत्रकारों और स्वतंत्र यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों को अधिकतम प्रभाव के साथ उठाया जा सके।
पार्टी में गुटबाजी को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है और चुनाव के दौरान विभिन्न विचारों का सामने आना एक सक्रिय एवं स्वस्थ लोकतंत्र की स्वाभाविक निशानी है।
नेताओं ने कहा, “हमारी पार्टी में गुटबाजी बिल्कुल नहीं है। किसी भी राजनीतिक आंदोलन में अलग-अलग विचारों और टिकट के कई दावेदारों का होना पूरी तरह स्वाभाविक और आवश्यक है। टिकटों का वितरण किसी एक व्यक्ति- चाहे वह राजा वड़िंग हों, चरणजीत सिंह चन्नी हों या प्रताप सिंह बाजवा- का एकतरफा फैसला नहीं होता। टिकटों का फैसला AICC हाईकमान के नेतृत्व में एक निर्धारित, पारदर्शी और योग्यता-आधारित संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। यदि कोई मतभेद पैदा होते हैं, तो हमारी पार्टी के पास उन्हें आंतरिक रूप से हल करने की पूरी क्षमता और लोकतांत्रिक शक्ति है। हमारे सभी नेता आपसी सम्मान के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”
नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि टिकटों के वितरण से संबंधित नीति बनाने और अंतिम निर्णय लेने का अधिकार पार्टी हाईकमान के पास ही है।
पंजाब में राहुल गांधी के चुनाव अभियान को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उनके कार्यक्रम में मामूली बदलाव इसलिए हुए क्योंकि राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शनों में सीधे तौर पर शामिल थे और इसके बाद कानूनी जवाबदेही की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने पुष्टि की कि चुनाव अभियान की रणनीति तैयार है और राहुल गांधी अगले एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर पंजाब का दौरा करेंगे। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और AICC प्रभारी भूपेश बघेल एक ही मंच से पूरी ताकत के साथ संयुक्त चुनाव अभियान चलाएंगे।
आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब आज भी कांग्रेस के शासन के दौरान हुए दशकों के विकास, सामाजिक सद्भाव और सुशासन को गर्व के साथ याद करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब और दिल्ली की AAP सरकारें जनता की मेहनत की कमाई से दिए गए टैक्स के पैसे को लगातार 24 घंटे टेलीविजन विज्ञापनों और खोखली PR मुहिमों पर खर्च कर रही हैं, जबकि राज्य के स्कूल, अस्पताल, बुनियादी ढांचा, रोजगार और कानून-व्यवस्था का तंत्र बदहाल होता जा रहा है।
राज्य की मौजूदा स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए नेताओं ने मीडिया से सीधा सवाल किया कि क्या पंजाब में मौजूदा सरकार के शासन के तहत वास्तव में कोई व्यक्ति खुश और संतुष्ट है। पत्रकारों को लोकतंत्र की अगली पंक्ति के सैनिक और प्रहरी बताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से अपील की कि वह गढ़ी हुई राजनीतिक गपबाजी के बजाय सरकार के प्रदर्शन की जांच और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने पंजाब के गंभीर मुद्दों, जिनमें बेकाबू नशा तस्करी, कृषि संकट और भयावह बेरोजगारी शामिल हैं, को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
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