राज्यपाल का आप प्रतिनिधिमंडल को भरोसा, केंद्रीय मंत्री से मिलकर सुलझाएंगे मामला

आप विधायक  कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल से की मुलाकात, अजनाला को बाढ़ से बचाने के लिए उज नदी पर डैम बनाने की मांग की

हर साल रावी और उज के पानी से अजनाला में होती है तबाही, केंद्र जल्द से जल्द पूरा करे उज डैम का निर्माण कार्य: कुलदीप सिंह धालीवाल

उज डैम से बाढ़ रुकेगी, बिजली बनेगी, सिंचाई बढ़ेगी और बॉर्डर एरिया में रोजगार के मौके बनेंगे: कुलदीप सिंह धालीवाल

बाढ़ से किसानों की फसलें, सड़कें और उपजाऊ जमीन बर्बाद होती है, इंडस्ट्री और रोजगार भी होते हैं प्रभावित: कुलदीप सिंह धालीवाल

अगर केंद्र ‘विकसित भारत‘ चाहता है, तो उसे बॉर्डर एरिया के डेवलपमेंट पर ध्यान देना होगा: कुलदीप सिंह धालीवाल

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प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है: कुलदीप सिंह धालीवाल

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 18 अगस्त। अजनला से आम आदमी पार्टी (आप) विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल राज्यपाल गुलाब से मिले हर साल आने वाली भयानक बाढ़ से इलाके को बचाने और इलाके के स्थाई विकास के लिए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्पाल गुलाब चंद कटारिया से मिला। प्रतिनिधिमंडल में अजनाला विधानसभा क्षेत्र के सरपंच, चेयरमैन और जिला परिषद सदस्य खास तौर पर मौजूद थे।

मंगलवार को राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक धालीवाल ने कहा कि उन्होंने अजनाला के लोगों का दर्द राज्यपाल तक पहुंचाया है। हर साल रावी और उज नदियों के पानी की वजह से उनका इलाका पूरी तरह से बाढ़ में डूब जाता है। जम्मू-कश्मीर से आने वाली उज नदी का पानी पठानकोट, सुजानपुर, दीनानगर, गुरदासपुर और डेरा बाबा नानक से होकर आखिर में अजनाला में भारी तबाही मचाता है और फिर पाकिस्तान चला जाता है। इसकी वजह से हर साल किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं, सड़कें टूट जाती हैं, स्कूल गिर जाते हैं और उपजाऊ जमीन बह जाती है। बाढ़ के इस लगातार खतरे की वजह से इलाके में कोई इंडस्ट्री भी लगाने को तैयार नहीं है।

विधायक धालीवाल ने राज्यपाल का ध्यान केंद्र सरकार की उज नदी पर डैम बनाने की योजना की ओर दिलाया, जो पिछले 10-12 सालों से पेंडिंग है। उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि वे इस मुद्दे को प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सामने ज़ोरदार तरीके से उठाएं ताकि डैम का कंस्ट्रक्शन जल्द से जल्द पूरा हो सके। इस डैम के बनने से बाढ़ कंट्रोल होगी, बिजली बनेगी, सिंचाई के लिए नहरें खोदी जाएंगी और युवाओं को रोज़गार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ‘विकसित भारत‘ का सपना पूरा करना चाहती है, तो उसे बड़े शहरों के साथ-साथ बॉर्डर एरिया के विकास पर भी ध्यान देना होगा। अगर बॉर्डर एरिया इसी तरह नज़रअंदाज़ रहे, तो देश का पूरा डेवलपमेंट अधूरा रह जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने पिछली बार प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये का मुआवज़ा न मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिलने का समय तय करेंगे और इस समस्या का समाधान करवाएंगे।

 

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