PG Policy : दिल्ली में PG के लिए 1-2 महीने में नई नीति

Delhi: New PG Policy in 1-2 Months Delhi: New PG Policy in 1-2 Months

दिल्ली में पेइंग गेस्ट आवास को लेकर सरकार नई नीति लाने की तैयारी कर रही है
यह कदम सत्या निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद सामने आया है

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 8 सितंबर | PG Policy: दिल्ली सरकार पेइंग गेस्ट आवासों के लिए नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के अनुसार, नीति अगले एक से दो महीनों में लागू हो सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था में पीजी संचालकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने की योजना है।

Delhi: New PG Policy in 1-2 Months
Delhi: New PG Policy in 1-2 Months

 

PG Policy में लाइसेंस लेना होगा जरूरी

प्रस्तावित नीति के तहत सभी पीजी संचालकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया जाएगा।
इसके अलावा पीजी के लिए किराये की व्यवस्था तय करने की योजना है।
किराया जोन के हिसाब से निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।

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इमारतों का स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी ऑडिट भी जरूरी होगा।
इससे पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ेगी।

सरकार एक केंद्रीय पोर्टल शुरू करने की योजना भी बना रही है।
इस पोर्टल पर पीजी से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

PG Policy में किराये और सुविधाओं की जानकारी होगी सार्वजनिक

PG Policy Delhi
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प्रस्तावित पोर्टल पर किराये की जानकारी सार्वजनिक रखी जाएगी।
इसके अलावा पीजी में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण भी दिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों के पालन से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।

मंत्री आशीष सूद ने छात्रों की शिकायतों का भी जिक्र किया।
छात्रों ने मनमाने बिजली बिल और किराये से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की शिकायत भी की।

सरकार का कहना है कि छात्रों और अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
उन्हें पता होना चाहिए कि किस सुविधा के लिए कितना भुगतान करना है।
साथ ही आवास की सुरक्षा स्थिति की जानकारी भी जरूरी है।

PG Policy के साथ सस्ते आवास पर भी योजना

दिल्ली में छात्रों के लिए किफायती आवास की कमी भी एक बड़ा मुद्दा है।
इसी को देखते हुए सरकार हॉस्टलों के फ्लोर एरिया रेशियो पर विचार कर रही है।

इसके अलावा खाली सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल की संभावना भी तलाशी जा रही है।
इन जगहों को छात्र आवास में बदलने पर विचार किया जा रहा है।

सरकार की कोशिश छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने की है।
नई व्यवस्था में सुरक्षा के साथ किराये से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।

PG Policy पर छात्रों और संचालकों से सुझाव

PG Policy Delhi
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नई नीति को अंतिम रूप देने से पहले सुझाव लिए जाएंगे।
छात्रों और अभिभावकों से उनकी राय मांगी जाएगी।
पीजी संचालकों और संबंधित नागरिक एजेंसियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

मंत्री के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था पर वरिष्ठ स्तर पर चर्चा हो चुकी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधु से भी चर्चा हुई है।

सरकार का लक्ष्य सभी पक्षों की जरूरतों को ध्यान में रखना है।
इसके बाद नीति को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।

PG Policy के तहत पुरानी इमारतों की जांच

साउथ कैंपस और मुखर्जी नगर में पुरानी इमारतों का ऑडिट शुरू हो चुका है।
इन इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

सत्या निकेतन हादसे में सात लोगों की जान गई थी।
इसके बाद छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कदम बढ़ाए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
नई नीति लागू होने के बाद पीजी संचालन के नियम अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।

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