बलियावाल ने दिल्ली मुख्यमंत्री को लिखा पत्र -चांदनी चौक का नाम “सीस गंज” करने की अपील

चंडीगढ़, 5 नवंबर:-भाजपा पंजाब के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी को एक भावनात्मक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के पावन अवसर पर ऐतिहासिक चांदनी चौक क्षेत्र का नाम बदलकर “सीस गंज” रखा जाए। साथ ही, उनके साथ शहीद हुए तीन महान सिख शहीदों — भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी — के नाम पर आसपास के मेट्रो स्टेशनों का नामकरण किया जाए।
चंडीगढ़, 5 नवंबर:-भाजपा पंजाब के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी को एक भावनात्मक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के पावन अवसर पर ऐतिहासिक चांदनी चौक क्षेत्र का नाम बदलकर “सीस गंज” रखा जाए। साथ ही, उनके साथ शहीद हुए तीन महान सिख शहीदों — भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी — के नाम पर आसपास के मेट्रो स्टेशनों का नामकरण किया जाए।
 
अपने पत्र में बलियावाल ने लिखा है कि गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के अवसर पर वे एक सिख और भारतीय नागरिक के रूप में गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ यह पहल कर रहे हैं, ताकि देश की आने वाली पीढ़ियाँ “हिंद की चादर” गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत से परिचित हो सकें।
 
उन्होंने मुगल शासक औरंगज़ेब के शासनकाल (1675) में हुए धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय 500 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने पंडित कृपा राम के नेतृत्व में आनंदपुर साहिब जाकर गुरु साहिब से धर्म रक्षा की गुहार लगाई थी।
इसके उत्तर में गुरु तेग बहादुर जी ने “सरबत दा भला” (सबके कल्याण) की भावना से ज़ुलम और अत्याचार के खिलाफ अपना बलिदान देने के निर्णय लिय।  
 
गुरु साहिब और उनके साथियों पर दिल्ली में बहुत ही ज़ुल्म किया गया 
 
भाई मती दास जी को आरी से चीर दिया गया, भाई सती दास जी को रुई में लपेटकर जीवित जला दिया गया, भाई दयाला जी को उबलते पानी में डालकर शहीद किया गया। 
अंत में गुरु तेग बहादुर जी का शीश उसी स्थान पर धड़ से अलग किया गया, जहाँ आज गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब स्थित है — जो आज भी धर्म, बलिदान और मानवता की रक्षा का प्रतीक है।
 
बलियावाल ने लिखा — “यदि चांदनी चौक का नाम ‘सीस गंज’ रखा जाता है, तो यह निर्णय केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि भारत की आत्मा, सहिष्णुता, त्याग और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों का सम्मान होगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय न केवल राष्ट्रीय गौरव का विषय बनेगा, बल्कि दुनिया भर में बसे करोड़ों सिखों और भारतीयों के हृदयों में आध्यात्मिक गर्व और श्रद्धा का भाव भर देगा।
 
अंत में उन्होंने कहा —“चांदनी चौक का नाम ‘सीस गंज’ करना, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की भावना को अमर कर देगा और आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगा कि सत्य के लिए सिर कटाया जा सकता है, पर झुकाया नहीं जा सकता।”

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh