संगरूर के शेरों गांव में सीएम के कार्यक्रम के दौरान छत पर चढ़कर काले कपड़े दिखाने वाले मोहनजीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था; एसएसपी ने बताया डोप टेस्ट पॉजिटिव, युवक ने रिपोर्ट को बताया फर्जी
Rahul Gupta
संगरूर, 4 सितंबर।
पंजाब के संगरूर जिले के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पास के एक घर की छत पर चढ़कर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और काले कपड़े दिखाकर विरोध जताया था।
पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मोहनजीत सिंह को एहतियातन हिरासत में ले लिया। हिरासत से बाहर आने के बाद युवक ने आरोप लगाया कि पुलिस कस्टडी के दौरान उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, संगरूर की एसएसपी नवजोत ग्रेवाल के मुताबिक, युवक को सुरक्षा कारणों से हिरासत में लिया गया था और उसका मेडिकल एवं डोप टेस्ट कराया गया, जिसमें डोप टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
युवक ने डोप टेस्ट रिपोर्ट को बताया फर्जी
मोहनजीत सिंह ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि डोप टेस्ट रिपोर्ट झूठी है। उसका आरोप है कि उसे फंसाने के लिए रिपोर्ट में हेरफेर की गई है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने युवक के घायल होने के वीडियो साझा करते हुए पंजाब सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
सुखबीर बादल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस मामले को ‘राष्ट्रीय शर्म’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या के बारे में आवाज उठाने वाले एक पंजाबी सिख युवक के साथ बदसलूकी की।
बादल ने कहा कि यही युवक सुनाम के शेरों गांव में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान छत पर चढ़कर विरोध कर रहा था। उन्होंने इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री का ‘फर्जी पीआर इवेंट’ बताया और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
कपड़े उतरवाने से लेकर बिजली का झटका देने तक के आरोप
सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि युवक के कपड़े उतरवाए गए, उसके साथ मारपीट की गई और बिजली का झटका दिया गया। उन्होंने दावा किया कि युवक की पगड़ी और दाढ़ी के साथ भी बदसलूकी की गई।
बादल ने आगे आरोप लगाया कि ब्लेड से युवक की जांघें काटी गईं और उसके घावों पर नमक रगड़ा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि युवक को एक घंटे से ज्यादा समय तक गीली चप्पलों से पीटा गया और बाद में नग्न अवस्था में घुमाया गया। इसके अलावा उन्होंने युवक की मां और बहनों के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया।
हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से दखल की मांग
सुखबीर सिंह बादल ने मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता और वह इस कार्रवाई की पूरी ताकत से निंदा करते हैं।
बादल ने राष्ट्रीय मीडिया से भी मामले को उठाने और आम आदमी पार्टी सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों की जांच सामने लाने की अपील की है।
घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में विरोध, युवक की हिरासत, डोप टेस्ट को लेकर पुलिस का दावा और पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के आरोपों ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ पुलिस सुरक्षा कारणों से हिरासत और पॉजिटिव डोप टेस्ट की बात कह रही है, वहीं युवक इसे साजिश बता रहा है। विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
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