Punjab Rape Case को लेकर पंजाब की राजनीति में नया विवाद सामने आया है
भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर पर बिचौलियों के जरिए दुष्कर्म मामलों को पैसे लेकर निपटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पांच करोड़ रुपये तक की कथित मांग का दावा करते हुए कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी कीं
न्यूज़म ब्यूरो
पंजाब, 04 सितंबर। पंजाब में कथित दुष्कर्म मामलों को पैसे लेकर निपटाने के आरोपों ने राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Punjab Rape Case में BJP ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि बिचौलियों के माध्यम से आपराधिक मामलों को प्रभावित करने की कोशिश हुई।
उन्होंने दावा किया कि दुष्कर्म मामलों को निपटाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे गए।
भाजपा ने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कई सवाल खड़े किए।
भंडारी ने ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए राजनीतिक संपर्कों के इस्तेमाल का दावा किया।
हालांकि, इन रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Punjab Rape Case पर AAP ने आरोपों को बताया गलत
आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया है।
आप की ओर से ऑडियो रिकॉर्डिंग को कथित रूप से तैयार और अप्रमाणित बताया गया।
पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और अकाली नेताओं से जुड़े फोटो दिखाए।
उन्होंने दावा किया कि अमरदीप ग्रेवाल और गुरविंदर सिंह चहल के विपक्षी नेताओं से संपर्क रहे हैं।
आप ने कहा कि अप्रमाणित ऑडियो और वीडियो जारी करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर ने भी आरोपों को आधारहीन बताते हुए कानूनी नोटिस की चेतावनी दी है।
Punjab Rape Case और गुरविंदर चहल का मामला
यह पूरा विवाद गुरविंदर सिंह चहल से जुड़े एक मामले की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
चहल पर एक महिला के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप लगे थे।
मामले में अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
बाद में उसे जुलाई में रिहा कर दिया गया था।
पीड़िता के पिता ने बाद में उच्च न्यायालय का रुख किया।
याचिका में आरोप लगाया गया कि मामले को दबाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
याचिका में अमरदीप सिंह ग्रेवाल का भी उल्लेख किया गया था।
उन पर करोड़ों रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था।
बताया गया कि ग्रेवाल ने मुख्यमंत्री की पत्नी से करीबी होने का दावा किया था।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 20 जुलाई को याचिका का निपटारा किया।
इसके बाद जांच विशेष पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरित कर दी गई।
Punjab Rape Case पर NHRC की जांच भी जारी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले से जुड़ी शिकायत पर संज्ञान लिया है।
आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को जांच के निर्देश दिए थे।
आयोग ने अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
शिकायत में मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़ी पांच करोड़ रुपये की कथित मांग का आरोप लगाया गया था।
यह मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है।
इसमें पुलिस जांच, न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकार संस्थाओं की भूमिका भी जुड़ गई है।
Punjab Rape Case पर SAD ने भी उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल ने भी मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की।
अकाली दल ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की।
पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग रखी।
उन्होंने मामले में आरोपी को संरक्षण देने के प्रयासों का भी आरोप लगाया।
Punjab Rape Case में अब जांच के परिणाम पर नजर
भाजपा के आरोपों और आप के खंडन के बीच मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।
रिकॉर्डिंग में मुख्यमंत्री या उनकी पत्नी का सीधा नाम नहीं होने की बात सामने आई है।
वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई और चल रही जांच ने मामले को गंभीर बना दिया है।
अब आगे की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर कायम हैं।
मामले से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और सक्षम एजेंसियों के निष्कर्षों के बाद ही होगी।
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