Punjab Drugs को लेकर शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाए
उन्होंने पटियाला और समाना में महिलाओं की सभाओं को संबोधित किया
न्यूज़म ब्यूरो
पटियाला/चंडीगढ़, 27 सितंबर | पटियाला और समाना में Punjab Drugs के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल ने अपना पक्ष रखा।
उन्होंने दावा किया कि नशे की समस्या का असर पंजाब के युवाओं और परिवारों पर पड़ रहा है।
बादल ने कहा कि SAD सत्ता में आने पर नशा तस्करों के खिलाफ नया कानून लाएगी।
उन्होंने सरकार से महिलाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था और बकाया राशि से जुड़े सवालों के जवाब भी मांगे।

Punjab Drugs को लेकर हरसिमरत कौर बादल के सवाल
शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में Punjab Drugs के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 27 सितंबर को पटियाला और समाना में आयोजित मावां-धीयां सभाओं को संबोधित किया।
इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी का दावा किया गया। बादल ने नशे से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सामाजिक आंदोलन का रूप देने की जरूरत है।
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बादल पिछले दिनों भी महिलाओं की सभाओं के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान चला रही हैं। उन्होंने गांवों में ‘ठिकरी पहरा’ जैसे सामुदायिक प्रयासों की अपील भी की थी।
Drug Trafficking पर सरकार से मांगा जवाब

हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में Drug Trafficking को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशे की सप्लाई रोकने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही।
बादल ने दावा किया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की उपलब्धता बढ़ी है। उन्होंने नशे से होने वाली मौतों और परिवारों पर पड़ रहे प्रभाव का भी जिक्र किया।
ये आरोप हरसिमरत कौर बादल के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार पहले नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की जानकारी देती रही है।
10 साल तक Bail रोकने वाले कानून की घोषणा

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि अकाली दल सत्ता में आने पर नशा तस्करों के खिलाफ नया कानून लाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत ड्रग तस्करों को लंबे समय तक जमानत नहीं मिलने का प्रावधान किया जाएगा।
द ट्रिब्यून की हालिया रिपोर्ट में भी बादल के हवाले से आठ वर्ष तक जमानत रोकने और कठोर सजा की बात सामने आई थी। उनके 27 सितंबर के बयान में 10 साल तक जमानत नहीं देने का उल्लेख किया गया है।
यह प्रस्ताव फिलहाल राजनीतिक घोषणा के रूप में सामने आया है। इसकी वास्तविक कानूनी प्रक्रिया और प्रावधान भविष्य में स्पष्ट होंगे।
Health Minister Balbir Singh पर उठाए सवाल

बादल ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि सरकार ने पहले किए गए 16 मेडिकल कॉलेजों के वादे पर क्या प्रगति की है।
उन्होंने पटियाला के राजिंदरा अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार अस्पताल में सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है।
इस बीच, डॉ. बलबीर सिंह के सरकारी आवास में एक व्यक्ति के ठहरने को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार AAP की पंजाब पर्यवेक्षक गायत्री बिश्नोई ने कहा कि वह अपने बीमार पिता के इलाज के कारण मंत्री के आवास पर रह रही थीं।
Gayatri Bishnoi मामले पर भी राजनीतिक हमला

हरसिमरत कौर बादल ने गायत्री बिश्नोई के सरकारी आवास में रहने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही।
इस मामले में अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बिश्नोई ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके पिता इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
इसलिए इस विवाद से जुड़े आरोपों को फिलहाल संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Punjab Healthcare पर भी चर्चा

हरसिमरत कौर बादल ने Punjab Healthcare को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने बठिंडा स्थित एम्स का जिक्र करते हुए पिछली अकाली दल सरकार के दौरान शुरू हुई स्वास्थ्य परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति पर जवाब देना चाहिए।
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर हाल के महीनों में सरकारी अस्पतालों, कर्मचारियों और स्वास्थ्य ढांचे से जुड़े अलग-अलग मुद्दे भी सामने आए हैं। इन विषयों पर सरकार और विपक्ष की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रही हैं।
Women Issues और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा

सभाओं में Women Issues को भी प्रमुखता से उठाया गया। बादल ने कहा कि नशे की समस्या का असर महिलाओं और परिवारों पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने महिलाओं से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता के बकाये का भी मुद्दा उठाया।
बादल ने दावा किया कि सरकार ने महिलाओं से किए गए आर्थिक वादों का पूरा भुगतान नहीं किया। इस दावे पर सरकार का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
Drug-Affected Families के पुनर्वास पर जोर

हरसिमरत कौर बादल ने Drug-Affected Families के लिए पुनर्वास और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने उन परिवारों का उल्लेख किया, जिन्होंने नशे की वजह से अपने परिजनों को खोने का दावा किया है।
उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित युवाओं को इलाज और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उनके अनुसार परिवारों को भी आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए।
नशे के खिलाफ राजनीतिक अभियान के बीच पंजाब सरकार भी पुलिस कार्रवाई और पुनर्वास से जुड़े कदमों का उल्लेख करती रही है।
Maawan-Dheeyan अभियान को आगे बढ़ाने की बात

हरसिमरत कौर बादल ने Maawan-Dheeyan अभियान के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। पिछले दिनों उन्होंने पंजाब की महिलाओं से नशे के खिलाफ सामूहिक आंदोलन शुरू करने की अपील की थी।
27 सितंबर की सभाओं में भी महिलाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर रहा। अकाली दल ने नशे के मुद्दे को लेकर आगे भी विरोध और जनसंपर्क अभियान जारी रखने की बात कही है। इनके बीच नशे की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पंजाब की राजनीतिक बहस में बने हुए हैं।