श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी पीरी खालसा मार्च अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हुआ
रोपड़ स्थित गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब में रात्रि विश्राम के बाद मार्च आगे बढ़ा
न्यूज़म ब्यूरो
पंजाब, 04 सितंबर। Miri Piri Khalsa March गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब रोपड़ से खालसाई जयकारों के बीच तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुआ।
मार्च के दौरान नशामुक्ति, सिख सिद्धांतों, गुरु इतिहास और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

Miri Piri Khalsa March में नशामुक्ति का संदेश
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मार्च के उद्देश्य पर बात की।
उन्होंने कहा कि मार्च कई गांवों से गुजरते हुए गुरु सिद्धांतों का संदेश दे रहा है।
उन्होंने पंजाब के गांवों में युवाओं के बीच नशे की समस्या का जिक्र किया।
जत्थेदार ने कहा कि कई गांवों में बड़ी संख्या में युवा नशे की चपेट में हैं।
उन्होंने बताया कि मार्च के दौरान कई युवाओं ने सिखी स्वरूप में लौटने का संकल्प लिया।
कई युवाओं ने नशे से दूर रहने का भी वचन लिया।
उन्होंने इसे मार्च की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
Miri Piri Khalsa March में सिख सिद्धांतों पर जोर

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि मार्च का उद्देश्य सिख सिद्धांतों का प्रचार करना है।
इसके साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाना भी इसका उद्देश्य है।
उन्होंने संगत से गुरु सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
उन्होंने मार्च को मिल रहे समर्थन के लिए संगत का धन्यवाद भी किया।
मार्च के दौरान कई गांवों में स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ स्वागत किया।
कई स्थानों पर संगत ने गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा प्रकट की।
Miri Piri Khalsa March पर हरजिंदर सिंह धामी का संदेश
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने समाज में ऊंच-नीच और जात-पात की दीवारों को चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने हर व्यक्ति को समानता और सम्मान का संदेश दिया।
छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब ने मीरी-पीरी का सिद्धांत सिख पंथ को दिया।
उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने हमेशा मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने मार्च को इसी संदेश को आगे बढ़ाने वाला अभियान बताया।
Miri Piri Khalsa March में ऐतिहासिक शस्त्रों वाली बस बनी आकर्षण

मार्च के साथ गुरु साहिबान के ऐतिहासिक शस्त्रों वाली बस भी चल रही है।
संगत में इस बस को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला।
विभिन्न पड़ावों पर लोगों ने बस के दर्शन किए।
मार्च के धार्मिक और ऐतिहासिक स्वरूप ने संगत का ध्यान आकर्षित किया।
Miri Piri Khalsa March अब पहुंचेगा श्री आनंदपुर साहिब
गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब से रवाना होकर मार्च तख्त श्री केसगढ़ साहिब की ओर बढ़ा।
श्री आनंदपुर साहिब सिख इतिहास में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान रखता है।
मार्च के दौरान संगत को गुरु इतिहास और सिख सिद्धांतों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने संगत से अनुशासन और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के कई सदस्य और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बड़ी संख्या में संगत ने मार्च में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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