मान सरकार का बजट पंजाब की बर्बादी का ‘काला चिट्ठा’, सच्चाई से कोसों दूर : बलबीर सिद्धू

‘भ्रम फैलाने वाले और लोक-लुभावन ऐलानों से पंजाब की जनता को गुमराह कर रही है आप सरकार’

‘कर्मचारियों, किसानों, मजदूरों और पेंशनरों की उम्मीदों पर फेरा पानी’

न्यूज़म ब्यूरो

मोहाली : पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की कड़ी निंदा करते हुए इसे पंजाब की अर्थव्यवस्था की बर्बादी का “काला चिट्ठा” करार दिया है।

सिद्धू ने कहा कि यह बजट पूरी तरह भ्रम फैलाने वाला, लोक-लुभावन ऐलानों से भरा हुआ और पंजाब की जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने केवल आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में पंजाब पर चढ़े लाखों करोड़ के कर्ज को कम करने के लिए कोई ठोस नीति बनाने के बजाय सरकार ने अगले साल 31 मार्च तक राज्य का कर्ज 4.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का रास्ता साफ कर दिया है।

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कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवंत मान की गलत आर्थिक नीतियों, टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार के कारण राज्य की आय में भारी ठहराव आ गया है। इसका परिणाम यह है कि राज्य की कुल आय का 91 प्रतिशत हिस्सा वेतन, पेंशन और कर्ज की किस्तों व ब्याज के भुगतान में ही खर्च हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगले साल तक पंजाब के कर्ज और कुल आय का अनुपात 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा और 2031 तक 60 प्रतिशत होने की संभावना है, जो पंजाब की आर्थिक बर्बादी का स्पष्ट संकेत है।

पूर्व मंत्री ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बजट में पंजाब की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों और मजदूरों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। कृषि संकट के कारण हो रही किसानों की आत्महत्याओं को रोकने या पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार अब किसानों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार अब तक कृषि प्रधान राज्य के लिए कोई ठोस कृषि नीति भी नहीं बना सकी है।

सिद्धू ने आगे कहा कि यह बजट सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बेहद निराशाजनक है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने का ढोंग करने वाली सरकार ने बजट में इसके लिए कोई फंड नहीं रखा, जिससे कर्मचारी वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता (DA) की पांच बकाया किस्तों को लेकर सरकार की चुप्पी बजट में भी बरकरार है, जिससे राज्य के कर्मचारियों में भारी रोष है, क्योंकि वे पहले ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाबी भाषा के विकास और प्रसार के लिए भी कोई विशेष बजट नहीं रखा, जो राज्य की मातृभाषा के साथ सरासर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक दस्तावेज है, जिसका आम जनता के विकास से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।

 

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