न्यूज़म ब्यूरो
पंजाब | लुधियाना जिले में दो दिनों के भीतर दो गुरुद्वारों में गोलीबारी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जगराओं के पास गुरुद्वारा मंजी साहिब में नकाबपोश हमलावरों द्वारा फायरिंग किए जाने की खबर सामने आई है। इससे पहले गागरा गांव के एक अन्य गुरुद्वारे में भी हमला हुआ था। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच की मांग उठ रही है, वहीं विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है।

पंजाब में गुरुद्वारा मंजी साहिब में फायरिंग, बाल-बाल बचे सेवादार
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, लुधियाना जिले के जगराओं के पास राजाना गांव स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब में बुधवार को दो नकाबपोश लोग पहुंचे और वहां फायरिंग की। घटना के समय गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बलदेव सिंह बाथरूम में थे, जिसके कारण वह सुरक्षित बच गए।
रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने गुरुद्वारे के कमरे में गोलीबारी की और इसके बाद मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर कांच के दरवाजे और अन्य स्थानों पर गोलियों के निशान मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

गागरा गांव के गुरुद्वारे में भी हुआ था हमला
रिपोर्ट में बताया गया है कि इससे एक दिन पहले गागरा गांव के एक अन्य गुरुद्वारे में भी नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग की थी। लगातार दो दिनों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।
हालांकि, दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह या किसी साझा साजिश का हाथ होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाओं के बीच संबंध को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज की FIR, CCTV फुटेज की जांच
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं।

भगवंत मान सरकार पर विपक्ष का हमला
लगातार सामने आई इन घटनाओं को लेकर पंजाब की राजनीति में भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी पक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष की ओर से जारी राजनीतिक प्रतिक्रिया में कहा गया कि पंजाब में दो दिनों के भीतर दो गुरुद्वारों में गोलीबारी होना गंभीर चिंता का विषय है। बयान में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार युवाओं, उद्योगों, पर्यावरण और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
राजनीतिक बयान में मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा गया कि पंजाब के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विपक्ष ने भ्रष्टाचार, नशे और गैंगस्टर गतिविधियों पर कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
पंजाब में गुरुद्वारे धार्मिक आस्था और सामुदायिक जीवन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं।
फिलहाल, पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों घटनाओं के पीछे क्या कारण थे और क्या हमलावरों का आपस में कोई संबंध है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध अखबार की कटिंग और संबंधित राजनीतिक प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशन से पहले पुलिस का आधिकारिक बयान, घटनाओं की तारीख और गांवों के नाम सत्यापित कर लें।
पंजाब की ताजा खबरों, अपराध, राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े अपडेट के लिए Newsam.in से जुड़े रहें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।