मनी लाॅन्ड्रिंग व भ्रष्टाचार के लिए आप विधायक पप्पी पराशर के खिलाफ की जानी चाहिए ईडी जांच : मजीठिया

पराशर द्वारा अपने पीए के खाते में कनाडा और एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर से दो बार पैसे जमा कराने व फिर उस पैसे को निकालने के प्रमाण के रूप में दस्तावेज प्रस्तुत किए

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 11मई। शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक कुमार पप्पी द्वारा अपने निजी पी.ए के खाते  का इस्तेमाल कर मनी लाॅन्ड्रिंग सहित बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है।

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली नेता ने कहा कि लुधियाना सेंट्रल के विधायक पप्पी पराशर ने लुधियाना नगर निगम में कॅान्ट्रेक्ट के  आधार पर नियुक्त किए जाने वाले 87 व्यक्तियों और क्लर्क के रूप में नियुक्त किए जाने वाले 39 व्यक्तियों  से 1.10 करोड़ रूपये इकटठे करने के लिए अपने पी.ए निखिल सभरवाल का इस्तेमाल किया। उन्होने कहा,‘‘ उम्मीदवारों को यह दिखाने के लिए नकली सूचियां बनाई गई कि उनका चयन हो गया है, लेकिन जब घोटाले का पर्दाफाश हुआ तब विधायक ने अपने पी. ए से कहा कि वह शहर छोड़ दे नही तो उसे जान से मार दिया जाएगा।’’

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विधायक पप्पी पराशर द्वारा किए गए एक और घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि विधायक ने दो बार अपने सहायक के खाते में पैसे जमा करवाए और फिर अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से उसे वापिस ले लिया। उन्होने  बताया कि पहला मामला 8 मार्च 2024 को हुआ , जब विधायक ने कनाडा के एक व्यक्ति से अपने पी.ए के खाते में 90 लाख रूपये जमा करवाए। उन्होने आगे बताया कि उसी दिन विधायक की पत्नी मीनू पराशर के खाते में 40 लाख रूपये और अगले दिन 10 लाख और 25 लाख रूपये ट्रांसफर किए गए।

विधायक द्वारा किए गए एक और गंभीर अपराध का खुलासा करते हुए सरदार मजीठिया ने कहा कि 24 अप्रैल 2024 को लुधियाना के बिल्डिंग इंस्पेक्टर हरमिंदर सिंह मक्कड़ ने विधायक के पी.ए के खाते में 30 लाख रूपये जमा किए। उन्होने बताया कि पहले के तौर-तरीकों के अनुसार विधायक पप्पी पराशर ने अगले ही दिन अपने खाते में 15 लाख रूपये और विधायक के बेटे के खाते में 99 हजार रूपये ट्रांसफर करवाए और शेष राशि का नकली बिल बनाकर भुगतान करवाया गया।

सरदार मजीठया ने बताया कि पराशर ने बिल्डिंग इस्पेक्टर को अपना चहेता कहते हुए कि जालंधर में उनका तबादला करने की लिखित में सिफारिश की और उनका तबादला कराने में सफल भी रहे। सरदार मजीठिया ने यह सिफारिश मीडिया को दिखाई। उन्होने यह भी खुलासा किया कि जब उन्हें इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होने इस बारे टवीट किया, तो विधायक ने निखिल सभरवाल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा दिया जिसने दो साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। उन्होने कहा,‘‘  लुधियाना पुलिस निखिल के घर पर छापेमारी कर रही है। यह साफ है कि निखिल को मौजूदा सरकार के तहत न्याय नही मिल सकता और केवल सीबीआई जांच से ही पप्पी पराशर द्वारा फैलाए गए भ्रष्टाचार का पता चल सकता है।’’

इस अवसर पर निखिल सभरवाल ने खुलासा किया कि उन्होने 2022 में पप्पी पराशर के पी.ए के रूप में 13 हजार रूपये प्रति माह पर काम शुरू किया था और विधायक ने उन्हें नगर निगम में नियुक्त होने के इच्छुक लोगों को खोजने के लिए कहा था। उन्होने कहा कि जब इन लोगों से 11 लाख रूपये तो ले लिए, लेकिन उन्हें जब नौकरी नही मिली तो उन्होने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया, जिसके कारण उन्हें आंशिक भुगतान के लिए अपना घर 30 लाख रूपये में बेचना पड़ा। उन्होने कहा कि विधायक द्वारा धमकाए जाने के बाद उन्होने एक निजी नौकरी शुरू की। उन्होने कहा,‘‘ मुझे अभी पता चला है कि सरदार मजीठिया द्वारा पूरे मामले पर टवीट करने के बाद पुलिस ने मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया। उन्होने कहा कि वे इस मामले को लुधियाना पुलिस से हटाकर केंद्रीय एजेंसी को इसकी जांच देने की मांग करते हैं। ’’ उनका मोबाइल फोन छीन लिए जाने और उनकी पिटाई किए जाने के बारे भी खुलासा किया। उन्होने कहा कि वे पप्पी पराशर के भ्रष्ट कार्यों का पर्दाफाश करने के लिए सबूत देने को तैयार हैं।’’

 

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