“मजीठिया-भोला से आमने-सामने पूछताछ हो”, Drug Trafficking मामले में धालीवाल की मांग

Kuldip Singh Dhaliwal raises questions over drug trafficking Kuldip Singh Dhaliwal raises questions over drug trafficking

पंजाब में Drug Trafficking के मुद्दे पर आप नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने विपक्ष और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए
उन्होंने एसआईटी से बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ करने की मांग की

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़/अमृतसर,  30 सितंबर | कुलदीप सिंह धालीवाल ने नशा तस्करी के मामलों की जांच को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईटी को मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए मजीठिया और भोला से पूछताछ करनी चाहिए।
धालीवाल ने अमित शाह के पंजाब दौरे और गुजरात के बंदरगाहों से कथित नशे की सप्लाई को लेकर भी सवाल किए।
उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने और नशे की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

Drug Trafficking जांच में मजीठिया-भोला से पूछताछ की मांग

आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने नशा तस्करी के मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए एसआईटी को बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ करनी चाहिए।

धालीवाल ने कहा कि नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई किसी राजनीतिक बदले का हिस्सा नहीं है। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य राज्य को नशामुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

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Drug Network को लेकर अकाली दल पर लगाए आरोप

कुलदीप धालीवाल ने 2007 से 2017 तक के अकाली-भाजपा शासन का उल्लेख करते हुए नशे के नेटवर्क के फैलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस अवधि को लेकर पंजाब में लंबे समय से राजनीतिक बहस होती रही है।

उन्होंने मजीठिया और उनकी टीम की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है। धालीवाल ने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाना चाहिए। उनके मुताबिक, एसआईटी की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जानी चाहिए।

Drug-Free Punjab अभियान को लेकर सरकार का दावा

धालीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के तहत हजारों कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर करना है। धालीवाल ने कहा कि किसी भी नेता या अधिकारी की भूमिका अगर जांच में सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने विपक्ष की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया। धालीवाल के मुताबिक, सरकार की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ रही है।

Drug Supply को लेकर गुजरात के बंदरगाहों का मुद्दा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भी धालीवाल ने सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा पर नशे के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। धालीवाल ने दावा किया कि गुजरात के बंदरगाहों के जरिए पंजाब में नशे की खेप पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि अमित शाह को पंजाब में नशे के मुद्दे पर बात करने से पहले गुजरात से आने वाली कथित नशे की सप्लाई को लेकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

इन आरोपों पर केंद्र सरकार और भाजपा का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को धालीवाल के राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Border Security पर केंद्र से कार्रवाई की मांग

धालीवाल ने पंजाब-पाकिस्तान सीमा से नशे और हथियारों की कथित तस्करी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की खेप आने की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त तकनीकी व्यवस्था जरूरी है।

उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने और सीमा को प्रभावी तरीके से सील करने की मांग की। धालीवाल ने कहा कि पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब का एक हिस्सा बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसी आधार पर उन्होंने सीमा से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

Drug Control को लेकर केंद्र और राज्य की जिम्मेदारी

धालीवाल ने कहा कि नशे और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र और पंजाब सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने एंटी-ड्रोन तकनीक, सीमा निगरानी और तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई को जरूरी बताया।

नशे के मुद्दे पर उनके बयान के बाद पंजाब में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ सरकार अपने अभियान को नशे के खिलाफ कार्रवाई बता रही है। वहीं विपक्षी दल सरकार की रणनीति और परिणामों पर सवाल उठाते रहे हैं।

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