Drug Free Punjab अभियान के दौरान जालंधर में प्रभावित परिवारों ने दर्द साझा किया
कई परिवारों ने नशे के कारण अपने बच्चों और रिश्तेदारों को खोने की बात कही
न्यूज़म ब्यूरो
जालंधर | जालंधर में नशे से प्रभावित परिवारों ने अपनी दर्दनाक आपबीती मीडिया के सामने रखी। इन परिवारों ने बताया कि नशे के कारण उनके घरों में किस तरह का संकट पैदा हुआ। कई लोगों ने अपने बच्चों और अन्य परिजनों को खोने की बात कही। परिवारों ने नशे की रोकथाम के साथ प्रभावित युवाओं के इलाज और पुनर्वास की मांग भी उठाई।
भारतीय जनता पार्टी पंजाब की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेढ़ दर्जन से अधिक नशा प्रभावित परिवार पहुंचे। इस दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने नशे की समस्या को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।

Drug Free Punjab अभियान में सामने आया परिवारों का दर्द
Drug Free Punjab अभियान के तहत भाजपा की ओर से पंजाब में नशामुक्ति यात्राएं निकाली जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, 18 सितंबर से चार यात्राएं शुरू की गई हैं। इन यात्राओं के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों से बातचीत की जा रही है। जालंधर में भी कई परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए।
जालंधर के बिलगा निवासी रमेश ने अपनी स्थिति बताते हुए भावुक होकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि नशे के कारण उनके दो बेटों की मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी की भी मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई है। रमेश के अनुसार, अब वह गुरुद्वारे में रातें गुजार रहे हैं।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके परिवार में अब कोई सहारा नहीं बचा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी चिता को आग कौन देगा। उनकी कहानी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी भावुक माहौल बन गया।
Drug Free Punjab कार्यक्रम में दूसरी पीड़िता ने भी सुनाया दर्द

तिलक नगर की एक महिला ने बताया कि नशे के कारण उन्होंने अपने दो बेटों को खो दिया। उन्होंने कहा कि एक बेटे की मौत के बाद उसकी पत्नी और बच्चा घर छोड़कर चले गए। दूसरे बेटे के परिवार के सदस्य भी घर छोड़कर चले गए।
महिला ने दावा किया कि नशे के कारण परिवार को अपनी संपत्ति तक बेचनी पड़ी। उन्होंने अपने इलाके में नशे की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन से नशे की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
तिलक नगर की सत्य देवी ने कहा कि उनका परिवार नशे के कारण उजड़ चुका है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि किसी अन्य परिवार को भी ऐसा दर्द झेलना पड़े। उन्होंने नशे की आपूर्ति रोकने और युवाओं को इलाज उपलब्ध कराने की मांग की।
Punjab Drug Crisis पर केवल सिंह ढिल्लों के सवाल
Punjab Drug Crisis को लेकर केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ बोलने वाले लोगों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नशामुक्त पंजाब यात्रा को लोगों की आवाज बताया।
ढिल्लों ने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों का दर्द सामने लाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में नशे और अपराध के मुद्दे गंभीर हैं। उन्होंने नशे की रोकथाम के साथ युवाओं के पुनर्वास पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को केवल कार्रवाई की जरूरत नहीं है। उन्हें इलाज, परिवार का सहयोग और समाज में दोबारा स्थापित होने के अवसर भी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दावा करती है।
Drug Rehabilitation को लेकर परिवारों ने उठाई मांग

Drug Rehabilitation को लेकर कार्यक्रम में कई परिवारों ने अपनी चिंताएं सामने रखीं। पुष्पा ने बताया कि उनका बेटा नशे की लत से जूझ रहा है। उन्होंने उसे इलाज के लिए पुलिस के हवाले करने की बात कही। उनके अनुसार, फिलहाल उनका बेटा अमृतसर के अस्पताल में भर्ती है और उसे टीबी भी हो गई है।
जालंधर के बिलगा की देबो ने बताया कि उनके बेटे की नशे के कारण मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनका परिवार पूरी तरह बिखर गया। उनकी बहू भी घर छोड़कर चली गई। उन्होंने कहा कि नशे ने उनके परिवार से सब कुछ छीन लिया।
ज्ञान कौर ने बताया कि उनके बेटे ने धीरे-धीरे परिवार की संपत्ति बेच दी। उन्होंने बताया कि उनके पति भी शराब की लत से प्रभावित थे और उनकी मौत हो चुकी है। अब वह खुद को अकेला महसूस करती हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
शमा ने भी अपने बेटे के नशे की लत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा चिट्टे का नशा करता है। उन्होंने प्रशासन से नशे की बिक्री रोकने और युवाओं को बचाने की अपील की।
Punjab Drug Crisis पर भाजपा ने बताई रणनीति
Punjab Drug Crisis के बीच भाजपा नेताओं ने नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को इलाज और रोजगार से जोड़ने की जरूरत बताई।
भाजपा के अनुसार, 18 सितंबर से शुरू हुई नशामुक्त पंजाब यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा। पार्टी के अनुसार, इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक रैली को संबोधित करेंगे।
जालंधर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवारों की व्यक्तिगत कहानियां चर्चा का केंद्र रहीं। पीड़ित परिवारों ने नशे की रोकथाम, इलाज और पुनर्वास को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
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