स्कूलों में “उद्यमिता” को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला पहला राज्य बना पंजाब : हरजोत सिंह बैंस

पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने कक्षा 11 के छात्रों के लिए ‘उद्यमिता’ को मुख्य विषय के रूप में पेश किया है। उद्यमिता को मुख्य विषय बनाने का उद्देश्य छात्रों में उद्यमशील मानसिकता को प्रोत्साहित करना है ताकि वे नौकरी खोजने वालों के बजाय रोजगार सृजन करने वाले बन सकें। 

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और ‘आप’ के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने शुरुआत की

स्कूल शिक्षा में उद्यमिता को औपचारिक रूप से एक मुख्य विषय के रूप में शामिल किया

प्रोटोटाइप बनाएंगे, सीड फंडिंग की तैयारी और बाज़ार में उत्पादों/सेवाओं को लॉन्च करेंगे

परीक्षा का बोझ नहीं होगा, लिखित परीक्षाओं की बजाय स्कूल-आधारित मूल्यांकन होगा

इससे छात्रों को नवाचारी, समस्या समाधानकर्ता व रोजगार सृजनकर्ता बनाया जा सकेगा

Advertisement

यह दूरदर्शी दृष्टिकोण नौकरी खोजने वालों की बजाय नौकरी सृजनकर्ता में सक्षम बनाएगा

चंडीगढ़ : पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने कक्षा 11 के छात्रों के लिए ‘उद्यमिता’ को मुख्य विषय के रूप में पेश किया है। उद्यमिता को मुख्य विषय बनाने का उद्देश्य छात्रों में उद्यमशील मानसिकता को प्रोत्साहित करना है ताकि वे नौकरी खोजने वालों के बजाय रोजगार सृजन करने वाले बन सकें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होने वाली इस महत्वपूर्ण पहल की पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और ‘आप’ के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने शुरुआत की।

उद्यमिता को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया

यहाँ म्युनिसिपल भवन में आयोजित लॉन्च समारोह को संबोधित करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने स्कूल शिक्षा में उद्यमिता को औपचारिक रूप से एक मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। इस समारोह के दौरान पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह, बोर्ड के सचिव गुरिंदर सिंह सोढ़ी और स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षक
भी उपस्थित थे।

व्यावहारिक शिक्षा पर आधारित है यह पाठ्यक्रम

नए लॉन्च किए गए विषय की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पाठ्यक्रम अनुभव और व्यावहारिक शिक्षा पर आधारित है। इसके अंतर्गत छात्र टीमें बनाएंगे, व्यावसायिक विचार विकसित करेंगे, प्रोटोटाइप बनाएंगे, सीड फंडिंग की तैयारी करेंगे और बाज़ार में अपने उत्पादों/सेवाओं को लॉन्च करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि इसमें छात्रों पर परीक्षा का कोई बोझ नहीं होगा, लिखित परीक्षाओं की बजाय स्कूल-आधारित मूल्यांकन होगा।

बिना अतिरिक्त बोझ डाले रोचक शिक्षा तय करेगा

मूल्यांकन में आत्म-मूल्यांकन, साथियों द्वारा मूल्यांकन और शिक्षक/मेंटॉर द्वारा मूल्यांकन शामिल होंगे, जो सीखने के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देंगे। उन्होंने बताया कि इस विषय के सालाना 18 पीरियड (3 थ्योरी और 15 प्रोजेक्ट आधारित) होंगे, जिससे यह पाठ्यक्रम छात्रों पर बिना अतिरिक्त बोझ डाले रोचक शिक्षा सुनिश्चित करेगा। इससे छात्रों को नवाचारी, समस्या समाधानकर्ता और रोजगार सृजनकर्ता बनाया जा सकेगा।

सालाना 300-400 करोड़ रुपये कमाए जा सकते

इस पहल के आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए बैंस ने कहा कि राज्य के 3,840 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 2.68 लाख से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से यदि 10 प्रतिशत सफलता दर से छात्र-आधारित आर्थिक गतिविधि से सालाना 300-400 करोड़ रुपये कमाए जा सकते हैं। यह पहल स्थानीय मांग, रोजगार और सामुदायिक भागीदारी पैदा करेगी जिससे जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास को
गति मिलेगी।

युवा के सपनों पर विश्वास करती पंजाब सरकार

बैंस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने युवाओं के सपनों पर विश्वास करती है। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मकता, समसामयिक सोच और समस्या-समाधान के कौशलों को बढ़ावा देना है और शिक्षक स्टार्टअप कोच के रूप में काम करेंगे जो छात्रों को नेता और रोजगार सृजनकर्ता बनने में मार्गदर्शन करेंगे।’ यह पहल छात्रों में नवाचार, निर्णय लेने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करेगी जिससे सतत आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

1,927 स्कूलों के 1.8 लाख छात्रों को शामिल किया

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह पहल नवंबर 2022 में पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम के अंतर्गत शुरू किए गए पंजाब बिज़नेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम की सफलता की कहानी में एक अहम मील का पत्थर है। राज्य के 32 स्कूलों और 11,041 छात्रों से शुरू करके इस प्रोग्राम ने शानदार प्रगति की है और इसका विस्तार करते हुए 1,927 स्कूलों के लगभग 1.8 लाख छात्रों को शामिल किया है तथा राज्य में और अधिक छात्रों को शामिल करते हुए युवा उद्यमियों को सशक्त बनाना जारी रखा गया है।

उद्यमिता व आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करेगा

मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रमुख कोर्स की शुरुआत के साथ सरकार की शिक्षा प्रणाली नवाचार और उद्यमिता के नए युग में प्रवेश कर जाएगी। आशा व्यक्त की कि पंजाब पहला राज्य बनकर मिसाल कायम करेगा जहाँ स्कूल से पास होने वाला हर छात्र उद्यम या कंपनी शुरू करने के लिए कौशल और व्यापक ज्ञान रखेगा। दूरदर्शी दृष्टिकोण छात्रों को नौकरी खोजने वालों की बजाय नौकरी सृजनकर्ता बनने में सक्षम बनाएगा और उद्यमिता व आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करेगा।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh