राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन कलाकृति के “छल्ला” नाटक ने दर्शकों को झिंझोडा

पटियाला, 27 नवंबर। कलाकृति पटियाला उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट और भाषा विभाग पंजाब के सहयोग से स्व. प्रीतम सिंह ओबरॉय यादकारी राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन कालिदास ऑडिटोरियम विरसा विहार केन्द्र नजदीक भाषा विभाग पंजाब शेरा वाला गेट पटियाला में नाटककार डॉक्टर कुलदीप सिंह दीप का लिखा और प्रसिद्ध नाट्य निर्देशका कलाकृति की डायरेक्टर श्रीमती परमिंदर पाल कौर के निर्देशन में “छल्ला” पंजाबी नाटक का शानदार मंचन किया गया, जिसमें दर्शकों के मनों पर गहरी छाप छोड़ी। 
पटियाला, 27 नवंबर। कलाकृति पटियाला उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट और भाषा विभाग पंजाब के सहयोग से स्व. प्रीतम सिंह ओबरॉय यादकारी राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन कालिदास ऑडिटोरियम विरसा विहार केन्द्र नजदीक भाषा विभाग पंजाब शेरा वाला गेट पटियाला में नाटककार डॉक्टर कुलदीप सिंह दीप का लिखा और प्रसिद्ध नाट्य निर्देशका कलाकृति की डायरेक्टर श्रीमती परमिंदर पाल कौर के निर्देशन में “छल्ला” पंजाबी नाटक का शानदार मंचन किया गया, जिसमें दर्शकों के मनों पर गहरी छाप छोड़ी। 
 
नाटक का सारा घटनाक्रम उन नौजवानों के नाम था जो घरों से जिंदगी को बेहतर बनाने पर झनाह जैसे दरिया तैरने के लिए निकले थे पर सिस्टम की अंधेरी ने उनको रास्तों में ही खा लिया और यह दुआ की गई एक कभी भी इस धरती पर किसी भी कोने से कोई छल्ला ना पैदा होक्योंकि नाटक में जिस ढंग से एक दर्दनाक दृश्य को पेश किया गया उसने दर्शकों को झिंझोड़ कर रख दिया। 
 
नाटक का आगे घटनाक्रम में 2014 में इराक के शहर मेसुल में से आई एस (इस्लामिक स्टेट) नाम की एक संगठन द्वारा अपहरण किए गए 40 भारतीय नौजवानों के नाम जिनके बारे भारत की सत्ता ने 3 साल तक उनके जीवित होने का ड्रामा किया। इन 40 में से 39 को आई एस ने गोलियों से उड़ा दिया था और जो एक बच गया था वह इस नाटक के कल्पित पत्र ऊप्रोफेसर के रूप में अपनी आपबीती सुनाई। जिससे नाटक के इस दुखांत पर दर्शकों को झिंझोड़ के रख दिया और समूचा यह नाटक कलाकृति की उन सफल प्रस्तुतियों में शामिल हो गया जैसे कि पिछले समय के दौरान कलाकृति ने समय समय पर दर्जनों नाट्य की सफ़ल प्रस्तुतियां की।
 
इस नाटक के सभी पात्रों को निभाने वाले कलाकारों में मुख्य तौर पर सीनियर कलाकार मोहन कंबोज विनोद कौशल, जोगा सिंह, जसवीर जस्सी, कुलदीप सिंह अजय जेठी, इशांत अरोड़ा, मनसा पसीजा, तानिया सिंह,निर्मल, गुरविंदर, अंजलि बीडला, लकश शर्मा ने अपनी अपनी भूमिका शानदार ढंग से निभाई। प्रसिद्ध संगीतकार हर जीत गुड्डू के संगीत और उनके गायन ने नाटक को सफल बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया। नाटक के प्रॉडक्शन इंचार्ज गोपाल शर्मा थे।
 
 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर बलबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री पंजाब और विशेष अतिथि सरदार जसवंत सिंह जफर डायरेक्टर भाषा विभाग पंजाब थे।जिन्होंने सभी कलाकारों का विशेष तौर पर सम्मान भी किया और कलाकृति के इस प्रयास की सराहना करते हुए यह भी आशा परग़टाई कि भविष्य में भी ऐसे नाटक समारोह लगातार होते रहेंगे जिससे रंगमंच के लिए ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को जोड़ा जा सके।

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