धर्म प्रचारक संजीव गुरु जी महाराज ने दिया आशीर्वाद
महाराज दशरथ और कैकेयी के भावुक संवाद ने दर्शकों की आंखें कीं नम, भगवान परशुराम के रूप में वरुण जिंदल ने बटोरीं खूब वाहवाही
न्यूज़म ब्यूरो
पटियाला, 14 अक्टूबर। श्री रामलीला प्रबंधक कमेटी एवं जोड़ियां भट्ठियां रॉयल यूथ क्लब की ओर से जोड़ियां भट्ठियां चौक में आयोजित श्री रामलीला के तीसरे दिन भावनाओं, भक्ति से भरपूर दृश्यों का शानदार मंचन किया गया। सीता स्वयंवर में भगवान परशुराम के प्रभावशाली पात्र में कमेटी के प्रधान वरुण जिंदल ने अपने अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं, महाराज दशरथ और कैकेयी के भावुक संवाद ने उपस्थित दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
विशेष रूप से महाराज दशरथ और कैकेयी के संवाद में एक ओर कैकेयी के हठ और दूसरी ओर अपने वचन से बंधे महाराज दशरथ की विवशता को आशीष गुप्ता एवं भावना ने बेहद मार्मिक ढंग से निभाया। उनके अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरे वातावरण को राममय बना दिया।

इस अवसर पर धर्म प्रचारक संजीव गुरु जी महाराज ने विशेष तौर पर पहुंचकर श्री रामलीला आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों एवं कलाकारों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने जोड़ियां भट्ठियां चौक में आयोजित श्री रामलीला की प्रशंसा करते हुए इसे पंजाब की सर्वोत्तम रामलीला बताया, जिससे आयोजकों और कलाकारों में उत्साह बढ़ गया। इस अवसर पर सतबीर सिंह खटड़ा, विष्णु शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं रामभक्त उपस्थित रहे।

प्रसिद्ध निर्देशक मोहन कंबोज एवं उनके सुपुत्र एस. कुन्तल कंबोज के निर्देशन में सीता स्वयंवर, हनुमान जन्म, महाराज दशरथ का स्वप्न से घबराकर उठना, कैकेयी के कक्ष में मंथरा का आगमन, कैकेयी का कोप भवन, माता कौशल्या के भवन में महाराज दशरथ एवं श्रीराम का संवाद तथा श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जी के दृश्यों का मंचन किया गया। इसके अतिरिक्त सुमित्रा माता के भवन में श्रीराम, लक्ष्मण, उर्मिला और सीता जी से संबंधित दृश्य भी प्रस्तुत किए गए। इन सभी प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, पारिवारिक संबंधों और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया।

इसमें महाराज दशरथ की भूमिका आशीष गुप्ता, महारानी कौशल्या की जगजीत कौर, रानी कैकयी की भावना, रानी सुमित्रा की अंजली, श्री राम की गौरव गोयल, लक्ष्मण जी की नीरज शर्मा, सीता जी की मोक्षा, उर्मिला की कनुप्रिया, मांडवी की रितू, श्रुतकीर्ति की जनीशा, महर्षि विश्वामित्र जी की प्रवीन, श्रवण कुमार के पिता की लवकेश, मंथरा की भूमिका परमजीत कौर ने निभाई। इसके अतिरिक्त मयंक, रचदीप, आदित्य शर्मा, कनव, मीत, तनीश, गोरिश, रोबिन ने भी विभिन्न पात्र निभाए।

प्रधान वरुण जिंदल ने कहा कि श्री रामलीला भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि कमेटी का प्रयास है कि प्रत्येक वर्ष रामायण के आदर्शों को प्रभावशाली मंचन के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। श्री रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से 11:30 बजे तक किया जाता है। इस दौरान दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की और जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

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