श्रीमद्भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण व जीवन को सही दिशा देने की पवित्र यात्रा : CM नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने कहा, युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेलकूद, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में लगाएं

संतों-महापुरुषों के विचारों और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 1 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा आत्मा को जागृत करने, जीवन को सही मार्ग दिखाने तथा समाज में सद्भाव और धर्म की स्थापना का माध्यम है। श्रीमद् भागवत महापुराण को भारतीय संस्कृति का हृदय कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से इसमें जीवन के गूढ़ सत्य, कर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है।

Advertisement

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को पंजाब के पंजोला (पटियाला) में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कथा वाचक सीतापाल शास्त्री जी,  संत-महात्मागण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण की पवित्र यात्रा है। इसका प्रसंग उस पावन वेला से जुड़ा है, जब महर्षि वेदव्यास के पुत्र भगवान शुकदेव जी ने गंगा के पावन तट पर महाराज परीक्षित को यह कथा सुनाई थी। महाराज परीक्षित को सात दिनों के भीतर तक्षक नाग के डसने का शाप प्राप्त था, लेकिन उन्होंने मृत्यु के भय से परे होकर इन सात दिनों में भागवत का अमृतरस पान किया। इसी कारण भारतीय संस्कृति में भागवत कथा प्रायः सात दिनों के अनुष्ठान के रूप में आयोजित की जाती है।

युवाओं को नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव के भौतिक और आध्यात्मिक जीवन के बीच संतुलन बनाने का काम करती है तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से जोड़ती है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से स्वयं भी दूर रहें और अपने साथियों को भी इससे बचाएं। नशा व्यक्ति के शरीर और मन के साथ-साथ परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा नशे में नष्ट करने के बजाय शिक्षा, खेलकूद, कौशल विकास, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे श्रेष्ठ कार्यों में लगानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संतों, महापुरुषों और हमारी सनातन संस्कृति के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ चलाई जा रही है, जिसके तहत महान संतों, ऋषियों और महापुरुषों की जयंतियां राज्य स्तर पर श्रद्धा के साथ मनाई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकले गीता के अमर संदेश को मानवमात्र तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में गीता का शाश्वत संदेश आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर अनुभव केंद्र का भ्रमण करें तथा महाभारत के जीवंत वृत्तांत और गीता के दिव्य दर्शन की अनुभूति करें।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh