हमारी साझा ताकत दे सकती है पूरे उत्तर भारत की प्रगति को गति : नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पंजाब और हरियाणा के उद्योगपतियों से नायाब आह्वान

आप कौशल, तकनीक तथा व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएं

पंजाब के पटियाला में दौलतपुर में जीएसए इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए औद्योगिक प्लांट की आधारशिला कार्यक्रम में किया सम्बोधित

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 23 सितम्बर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब और हरियाणा के उद्योगपतियों से आह्वान किया कि आप कौशल, तकनीक तथा व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएं। हमारे साझा प्रयास इस पूरे क्षेत्र को उत्पादन, नवाचार और रोजगार का सशक्त केंद्र बना सकते हैं।

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सैनी बुधवार को पंजाब के पटियाला जिला के दौलतपुर में जी.एस.ए इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए औद्योगिक प्लांट की आधारशिला कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर राधा स्वामी डेरा ब्यास के आध्यात्मिक प्रमुख सरदार गुरिंदर सिंह ढिल्लो,  पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, जीएसए इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक जतिंदर पाल सैनी , पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष बीबी जयइंदर  कौर, पटियाला जिला भाजपा अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह समेत अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रुप की औद्योगिक विकास-यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब की धरती से शुरू होकर दुनिया के बाजारों तक पहुंची जी.एस.ए इंडस्ट्रीज की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि भारतीय उद्यमिता, तकनीक और मेहनत मिलकर रोजगार भी पैदा कर सकती है, किसानों को सशक्त भी बना सकती है और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग- हब  बनाने में भी योगदान दे सकती है।

उन्होंने इस आयोजन के संदेश ‘Making India Stronger Through Manufacturing’ को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि  देश का सामर्थ्य तब बढ़ता है, जब उसके कारखानों में उत्पादन बढ़ता है। उसके युवाओं का कौशल निखरता है और उसके उत्पाद दुनिया का भरोसा जीतते हैं।

नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान का मूल भाव अपनी क्षमताओं को विकसित करना है। हमें अपने युवाओं की प्रतिभा को अवसर देना है। अपने उद्यमों को नई तकनीक से जोड़ना है। भारत में तैयार उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है। वर्ष 2047 के विकसित भारत का संकल्प ऐसे ही ठोस प्रयासों से साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के भाईचारे का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति, हमारी खेती, हमारे परिवार और हमारे परिश्रम की परंपरा आपस में जुड़ी हुई हैं। पंजाब का उद्यम आगे बढ़ता है तो उसकी संभावनाएं हरियाणा तक पहुंचती हैं। हरियाणा का उद्योग बढ़ता है तो पंजाब के कारोबारियों और युवाओं के लिए भी अवसर बनते हैं। हमारी साझा ताकत पूरे उत्तर भारत की प्रगति को गति दे सकती है।

उन्होंने विनिर्माण से जुड़े उद्योगपतियों एवं कर्मचारियों से भी आह्वान किया कि आओ हम सब मिलकर उत्कृष्टता का संकल्प भी लें। यहां बनने वाला हर उत्पाद अपनी गुणवत्ता से विदेशों में भी पसंद किया जाए ताकि भारत का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।

 

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