Punjab DA Controversy के बीच पंजाब सरकार के तीन मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन, बेसिक पे, डीए, टेक-होम सैलरी और राज्य के राजस्व खर्च से जुड़े आंकड़े सामने रखे
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 03 सितंबर | पंजाब के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता जारी करने को लेकर विवाद जारी है।
इसी बीच पंजाब सरकार के तीन मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और बलजीत कौर शामिल रहे।
मंत्रियों ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन और डीए विवाद पर सरकार का पक्ष रखा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वह पंजाब की जनता के सामने तथ्य रखना चाहते हैं।
उन्होंने कर्मचारियों के वेतन और सरकारी खर्च से जुड़े कई आंकड़े साझा किए।

Punjab DA Controversy में वेतन को लेकर दावा
हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि पंजाब के सरकारी कर्मचारी देश में सबसे अधिक वेतन लेते हैं।
उन्होंने कहा कि बेसिक पे और डीए की तुलना में पंजाब आगे है।
मंत्री के अनुसार पंजाब अन्य राज्यों की तुलना में कर्मचारियों को अधिक वेतन देता है।
उन्होंने पंजाब के कर्मचारियों की तुलना गुजरात के सरकारी कर्मचारियों से भी की।
चीमा ने कहा कि गुजरात में कर्मचारियों को पंजाब से लगभग 28 प्रतिशत कम वेतन मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में लंबे समय से भाजपा की सरकार रही है।
पंजाब के राजस्व का 51 प्रतिशत खर्च होने का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के कुल राजस्व का 51 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों पर खर्च होता है।
इस खर्च में सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगी भी शामिल हैं।
चीमा के अनुसार यह प्रतिशत देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।
उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों का औसत खर्च लगभग 38 प्रतिशत है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब में हर 100 रुपये के राजस्व में 51 रुपये खर्च होते हैं।
यह राशि वेतन और पेंशन पर खर्च की जाती है।
Punjab DA Controversy में टेक-होम वेतन का मुद्दा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों का टेक-होम वेतन भी अधिक है।
टेक-होम वेतन से मतलब कर्मचारियों को कटौती के बाद मिलने वाली वास्तविक राशि है।
उन्होंने कहा कि कई पंजाब कर्मचारियों का वेतन केंद्र सरकार के कर्मचारियों से अधिक है।
मंत्री ने विभिन्न कर्मचारी वर्गों का उदाहरण देते हुए यह दावा किया।
उन्होंने क्लर्क, ड्राइवर और स्टेनोग्राफर का विशेष रूप से उल्लेख किया।
पंजाब पुलिस के कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतन का भी जिक्र किया गया।
चीमा ने कहा कि कई श्रेणियों में पंजाब का वेतन केंद्र से अधिक है।
DA विवाद पर सरकार ने रखे अपने तर्क
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्रियों ने कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय पहलुओं पर चर्चा की।
सरकार ने वेतन, पेंशन और राजस्व खर्च के आंकड़ों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
मंत्रियों ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को तथ्यों के आधार पर समझना जरूरी है।
डीए को लेकर चल रहा विवाद पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सरकार की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का प्रयास किया गया।
अब कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और आगे की बातचीत पर भी नजर रहेगी।
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